

नजूल सम्पत्ति के एक्ट के खात्मे ओर नजूल की ज़मीन को लेकर रेलवे रोड़ स्तिथ होटल ईगल ओर अन्य होटलों के ध्वस्तीकरण को लेकर प्राधिकरण से भेजी गई कुछ फ़ाइल मण्डलायुक्त कार्यालय भेजे जाने के बाद हुए ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद भी फ़ाइल का बाहर न आना सन्देह के दायरे में: सूत्र
मण्डलायुक्त के कार्यालय में ईगल होटल रेलवे रोड की ध्वस्तीकरण के दबे आदेश नहर आने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्यवाही तेज होने की आशंका: सूत्र
होटल मालिक ने साम दाम दंड भेद की नीति के चलते बौखलाहट में धमकियां देना शुरू की, पत्रकार महेश के द्वारा खबर चलाने पर सन्नी अरोड़ा की महेश पत्रकार को देख लेने की धमकी।
सहारनपुर: दो दिन पूर्व प्राधिकरण द्वारा होटल स्टर्लिंग रेलवे रोड को वही एक होटल के स्वामी सन्नी अरोड़ा द्वारा शिकायत किये जाने के बाद सील कर दिया गया जिसके बाद रेलवे रोड़ पर हड़कम्प मच गया, वही इसी गली में रेलवे रोड स्तिथ ईगल होटल को लेकर भी ध्वस्तीकरण के आदेश मण्डलायुक्त के द्वारा किये जाने की जानकारी प्राप्त होने के पश्चात तथा फ़ाइल दबाने को लेकर शिकायतो का दौर प्रारम्भ हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो साल से भी अधिक समय से ईगल होटल की फ़ाइल ध्वस्तीकरण को लेकर दबाए जाने की जानकारी मिलने के पश्चात हड़कम्प मचा हुआ है वही बताया जाता है कि ईगल होटल के मालिक सन्नी अरोड़ा का सदैव ही सबसे झगड़ा भी रहता है, जिसको लेकर अभी कुछ दिन पूर्व में करीब के एक होटल वाले से सन्नी अरोड़ा नामक व्यक्ति का झगड़ा भी हुआ था यही नही मामला थाने में जाने के पश्चात इस सन्नी अरोड़ा को काफी फटकार भी लगाई गई थी, सूत्रों की माने तो इस ईगल होटल के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को लेकर जहां नजूल एक्ट के तहत मुकदमा होने के संकेत मिल रहे है वही नजूल एक्ट के खात्मे के बाद बने अध्यादेश को लेकर व नगर निगम।की आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार यह ज़मीन ओर इसपर बना होटल अवैध है, वही अब मण्डलायुक्त से मिलकर अवैध रूप से ध्वस्तीकरण की ऐसी तमाम फ़ाइल जिनमे ईगल होटल की फाइल भी शामिल है ध्वस्त कराने के लिए सामाजिक संगठन एकजुट होने लगे है। यही नही आम लोगो द्वारा बताया जाता है कि उक्त होटल में शराब परोसने की शिकायतें भी लगातार मिलती बताई जा रही है, इससे बौखलाया होटल स्वामी अब निम्न स्तर के हथकंडों पर उतारू बताया जाता है। यही नही फ़ाइल दबाने के लिए अधिकारियों के नाम पर भी इसके द्वारा कुछ तथाकतीथ दलालों को पैसे दिए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। बहरहाल समाज हित मे ऐसे अनाधिकृत होटल का ध्वस्तीकरण आवश्यक है। जब इस बाबत प्राधिकरण के अधिकारियों से बात की गई तो कई चोकाने वाले तथ्य भी मिले, विभाग के अधिकारियों कर्मचारियो ने बताया कि फ़ाइल मण्डलायुक्त कार्यालय में दबी हुई है। अब कौन है मण्डलायुक्त कार्यालय में इसके लिए जिम्मेदार यह जांच का विषय है। बहरहाल निष्पक्ष मण्डलायुक्त शीघ्र ही इसकी जांच कर दोषियों को सजा दिलाएंगे।
खबर विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक







